जल संरक्षण कार्यो में स्थानीय समुदायों की भागीदारी हो सुनिश्चितः जावलकर

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देहरादून। सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में आज सचिव जलागम एवं कार्यकारी अधिकारी, स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्यभर के जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई तथा आठ नई कार्य योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इस मौके पर दिलीप जावलकर ने सभी जनपदों को “वन डिस्ट्रिक्ट वन रिवर” की अवधारणा पर आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
सचिव ने कहा कि जनपदीय स्तर पर समितियों की बैठकें कर प्रस्तावों को आगामी राज्य स्तरीय बैठक में प्रस्तुत करें। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जल संरक्षण कार्यों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा ग्राम पंचायत स्तर पर धारा-नौला संरक्षण समितियों का शीघ्र गठन किया जाए, जो स्थानीय स्तर पर निगरानी का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि इन समितियों को स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी द्वारा वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने पारंपरिक धारों और नौलों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उनके पुनर्जीवीकरण पर विशेष बल दिया और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए पैराहाइड्रोलॉजिस्टों की तैनाती करने के निर्देश दिए। श्री जावलकर ने सभी कार्यक्षेत्रों में जल संरक्षण हेतु ईको-फ्रेंडली संरचनाएँ विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों, शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता को क्षमता विकास एवं कार्यशालाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि विभिन्न कार्ययोजनाओं के अंतर्गत निर्मित चेक डैमों की वर्षा काल के बाद स्थिति का मूल्यांकन किया जाए। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक डॉ. ए.के डिमरी, परियोजना निदेशक कुमाऊं डॉ. एस.के उपाध्याय आदि उपस्थित थे।

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