कहते है कि जिगर में जुनून हो और मन में कामयाबी पाने का जज्बा तो मंजिल अपने आप ही मिल जाती है।
इस बात की मिसाल कायम की है रेवाड़ी हरियाणा के 28 वर्षीय महेश ने जो साल 2022 में 40 दिन के अंदर 4000 किलोमीटर की साइक्लिंग किए थे ,उसके बाद 34 दिन में 6000 किलोमीटर की चार महानगरों की यात्रा पूरी किए, इतना हीं नहीं दिल्ली से बॉम्बे तक उन्होंने 37 दिनों की पैदल यात्रा कर के लोगों को फिटनेस और आत्मविश्वास का संदेश दिया था।
महेश बीते 15 जनवरी 2025 को पुनः अपनी साइक्लिंग यात्रा पर निकले है यह यात्रा कोई छोटी मोटी नहीं है बल्कि 15000 किलोमीटर लंबी है और इसमें 14 देश शामिल है। इस यात्रा का मकसद सिर्फ दूरी तय करना नहीं है बल्कि मेंटल हेल्थ अवेयरनेस और यूनिवर्सल ब्रदरहुड का संदेश देना है।
महेश की ये यात्रा ,भारत,नेपाल,भूटान,लाओस,वियतनाम,कंबोडिया,थाईलैंड,मलेशिया,सिंगापुर,इंडोनेशिया,फिलीपींस,ताइवान,चीन,हांगकांग तक होगी।
महेश की इस यात्रा की शुरुआत हरियाणा के रेवाड़ी से हुई उन्होंने दिल्ली होते हुए चंडीगढ़, फिर हिमाचल प्रदेश के नाहन, उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और फिर रामनगर तक का सफर तय किया,इसके बाद वह नैनीताल होते हुए नेपाल की सीमा पर स्थित बनबसा पहुंचेंगे, जहां से उनका अंतरराष्ट्रीय सफर शुरू होगा.
महेश कहते है कि मेरा उद्देश्य है लोगों को यह बताना कि मेंटल हेल्थ कोई शर्म की बात नहीं है,अगर हम खुलकर बात करें, तो बहुत सारी जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं. और इसी के साथ मैं यूनिवर्सल ब्रदरहुड का संदेश भी लेकर चला हूँ ।
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महेश
साइकलर
Reported By: Praveen Bhardwaj








