35 लाख लाओ, शिक्षक की नौकरी पाओ !

0
269

देहरादून (संवाददाता)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जहां युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर चिंतित हैं तो वहीं कुछ लोग सीएम के सपनों को चकनाचूर करने में जुटे हैं। ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए कुछ छुटभैय्या नेता शासकीय व अशासकीय नौकरियों में बड़े पैमाने पर सैटिंग गैटिंग का खेल करने में जुटे हैं। जहां कुछ समय पूर्व STF ने एक बड़े पेपर लीक गिरोह का पर्दाफाश कर हाकम सिंह और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया था, तो वहीं अब एक और ऐसा गिरोह सक्रिय हो रखा है जो कि 25 से 35 लाख रुपए लेने की एवज में नौकरी देने का वादा कई लोगों को कर चुके हैं।

शिक्षकों के पदों पर लाखों की बंदरबांट 

विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तिलक रोड़ स्थित एक अशासकीय स्कूल में टीचर एवं लिपिक के पदों पर कुछ नौकरी निकली है जिसकी आड़ में कुछ छुटभैये नेता नौकरी लगवाने की एवज में 25 से 35 लाख रुपए में युवाओं के भविष्य का सौदा कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इस सक्रिय गिरोह को स्कूल प्रबंधन समिति और शिक्षा विभाग का कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त है। क्योंकि बिना उनके संरक्षण के यह सौदा होना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। सूत्रों की मानें तो कुल नौ रिक्त पदों पर प्रवक्ता के 35 लाख, सहायक अध्यापक के 30 लाख व जूनियर टीचर और लिपिक के लिए 25 लाख रुपए की बंदरबांट समिति, विभाग व छुटभैये दलालों के बीच में हो चुकी है। जोकि युवाओं के भविष्य के साथ एक बहुत बड़ा खिलवाड़ है। योग्य अभ्यर्थियों की प्रतिभाओं को डर किनार कर उन लोगों को नौकरी देने का प्रयास किया जा रहा है जो कि अयोग्य होने के साथ ही भ्रष्टाचार का एक हिस्सा हैं। जो अभ्यर्थी धन बल के आधार पर नौकरी का सपना पूरा करना चाहते हैं वे भविष्य में बच्चों को किस चीज की शिक्षा देंगे इसकी तो कल्पना करना कोई मुश्किल काम नहीं है।

सीएम धामी से जांच की उम्मीद

अब ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह एसटीएफ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार पाने का अवसर व उनका हक उनको प्राप्त हो सके। शिक्षा विभाग, प्रबंधन समिति व दलालों के इस गठजोड़ ने सीएम धामी की जीरो टोलरेंस की सरकार पर भी एक सवालिया निशान लगाने का प्रबल प्रयास कर सीएम धामी की छवि को भी धूमिल करने का काम किया है। सूत्र बताते हैं कि यह गिरोह खुद को सत्ता पार्टी से जुड़ा भी बताता है। अब ऐसे में देखना होगा कि क्या सीएम मामले में हस्तक्षेप कर गिरोह के मंसूबों पर पानी फेरने का काम करेंगे।

LEAVE A REPLY