चार धाम यात्रा ने फिर पकडी रफ्तार

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: धामी

देहरादून। अतिवृष्टि, बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं के चलते प्रभावित हुई चारधाम यात्रा ने एक फिर रफ्तार पकड़ी है। श्रद्धालुओं की संख्या 16 लाख 52 हजार के पार पहुंच गई, जबकि अभी धाम के कपाट बंद होने में 14 दिन का समय बचा है। आज भी केदारनाथ धाम में 5614 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। श्री केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 23 अक्टूबर को भैयादूज के अवसर पर बंद होंगे। श्री बदरीनाथ, श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम में भी अब यात्रियों की संख्या बढ़ी है। वहीं षासन प्रषासन ने सुरक्षित यात्रा के लिए पुख्ता इंतजामों का भी दावा किया है। यात्रा मार्ग में सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है। यात्रा मार्ग पर यातायात सुचारू बना रहे, इसके लिए भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर मलबे की सफाई के लिए जेसीबी की व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि इस वर्ष 30 अप्रैल को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो गया था। इसके बाद दो मई को केदारनाथ धाम और चार मई को बदरीनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए थे। मानसून सीजन में अतिवृष्टि, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के चलते चारधाम यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रकृति की विनाशलीला में गंगोत्री धाम का महत्वपूर्ण पड़ाव धराली बुरी तरह तबाह हो गया। मार्ग बुरी तरह तहस-नहस हो जाने से श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम की यात्रा को रोकना पड़ा था। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है जिसके लिए चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को आवष्यक दिषा निर्देष दिए गए हैं कि सभी यात्रा मार्गों पर आवश्यक यात्री सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। सभी जिम्मेदार अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। आपातकालीन स्थिति में बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाएं।

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