पकड़ा गया आतंक का पर्याय बना आदमखोर गुलदार

0
52

चंपावत। जिले के लोहाघाट के मंगोली गांव इलाके में आतंक का पर्याय बन चुका आदमखोर गुलदार आखिरकार रविवार को वन विभाग के पिंजरे में फंस गया। आदमखोर के पिंजरे में फंसने से जनता व वन विभाग को बड़ी राहत मिली है। बीते 12 नवंबर को इस गुलदार के द्वारा मंगोली के ग्रामीण भुवन राम को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद पूरे क्षेत्र में गुलदार की दहशत फैल गई थी। बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था तथा महिलाओं का चार पत्ती लाने जंगल जाना पूरी तरह बंद हो चुका था। इसके अलावा यह गुलदार मंगोली के आसपास के गांव में भी लगातार मंडराने लगा था, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था। जनता के द्वारा वन विभाग से जल्द से जल्द गुलदार को पकड़ने की मांग की जा रही थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग लोहाघाट के द्वारा डीएफओ चंपावत के निर्देश पर रेंजर एन डी पांडे के नेतृत्व में वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास चार पिंजरे लगाए तथा जगह-जगह ट्रैप कैमरे स्थापित किए गए और ड्रोन कैमरा की मदद से गुलदार को ट्रेस किया जा रहा था। गुलदार की मूवमेंट ट्रेस करने हेतु वन विभाग के टीम लगातार गस्त कर रही थी।रविवार को लोहाघाट रेंजर एन डी पांडे ने जानकारी देते हुए बताया रविवार सुबह 5:00 बजे के लगभग यह गुलदार वन विभाग के द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया जो घटना स्थल से कुछ दूरी पर लगाया गया था। रेंजर पांडे ने कहा यह वही आदमखोर गुलदार है जिसने 12 नवंबर को एक ग्रामीण को हमला कर मारने की घटना को अंजाम दिया।

LEAVE A REPLY