Uttarakhand Cloudburst : उत्तराखंड में बर्बादी लेकर आई बारिश; 15 लोगों की मौत, 16 लापता

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Uttarakhand Cloudburst :  उत्तराखंड में बीते रोज बारिश से बर्बादी की तस्वीरों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. उत्तराखंड में बाढ़-बारिश से अबतक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. अकेले राजधानी देहरादून में 13 लोगों ने जान गंवाई है. 16 लोग अभी लापता हैं. जिनकी तलाश जारी है. देहरादून की अगर बात करें तो यहां प्रेमनगर, सहस्त्रधारा में जमकर तबाही हुई. रौद्र रुप में आई नदियों ने काफी नुकसान पहुंचाया है. शहर के बीचों-बीच से बहने वाली रिस्पना और बिंदाल नदियां भी उफान पर रही. जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई. ऋषिकेश, चंद्रभागा नदी भी फुल वेग में नजर आई. हालातों के देखते हुए पुलिस प्रशासन के साथ सीएम धामी को भी ग्राउंड पर उतरना पड़ा. पीएम मोदी ने भी फोन कर उत्तराखंड के हालातों की जानकारी ली.

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राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति (Uttarakhand Cloudburst)

NH 707 (मसूरी बेंड–केम्पटी मार्ग): जीवन आश्रम के पास मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध है.
NH 34: नागणी के पास आमसेरा (थाना चम्बा), फकोट से लगभग 250 मीटर आगे भिनू (थाना नरेंद्रनगर) तथा बगड़धार के पास कुल चार स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध है.
NH 07 (ऋषिकेश–बद्रीनाथ रोड) जनपद टिहरी क्षेत्र अंतर्गत ऋषिकेश से कीर्तिनगर तक मार्ग पूर्ण रूप से खुला है.SH 31 (खाड़ी–देवप्रयाग मार्ग):- अवरुद्ध है.
SH-76 (गूलर–सिल्कयानी–मटियाली) मार्ग अवरुद्ध है.
SH 77 (गुजराडा–रानी पोखरी मार्ग): अवरुद्ध है
.SH 19 (सत्यो–कुमालडा मार्ग): अवरुद्ध है.

पुलिस ने स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों से अपील की है कि प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें. पुलिस एवं प्रशासन द्वारा सड़क से मलबा हटाने एवं यातायात बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. मार्गों को सामान्य करने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं.

अलर्ट मोड में रहें अधिकारी, युद्धस्तर पर हो रेस्क्यू ऑपरेशन, सीएम धामी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में है. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए. राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.

आज भी कई जिलों में बारिश का अलर्ट (Uttarakhand Cloudburst)

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 20 सितंबर तक मौसम का अलर्ट जारी किया है. 17 सितंबर यानि आज देहरादून और बागेश्वर जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी. बाकी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी.18 सितंबर को राज्य के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है. 19 सितंबर और 20 सितंबर को भी बारिश का यही पैटर्न रहने का अनुमान है. ऐसा अनुमान है कि अगले हफ्ते से मानसून कमजोर पड़ने लगेगा.

ग्राउंड जीरों पर उतरे देहरादून डीएम

देहरादून डीएम सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह ने शहर के मालदेवता, सहस्रधारा,मजयाडा, कार्लीगाड आदि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर मौजूदा स्थिति और क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों से मिलकर हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया. मजयाड़ा में तीन लोग मलबे में दबे होने और एक व्यक्ति लापता होना बताया गया. यहां पर कुछ आवासीय भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र,13 दुकानें, 8 होटल, 3 रेस्टोरेंट सहित सहस्रधारा-कार्लीगाड मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण 9 से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है. चामासारी में बनाए गए राहत शिविर में कुछ प्रभावित लोगों को ठहराया गया है. जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवार यदि सुरक्षित स्थानों पर किराए में शिफ्ट होना चाहते है तो उनको प्रति परिवार तीन महीने तक 4-4 हजार किराया भी दिया जाएगा.

Dehradun Cloudburst : मुख्यमंत्री धामी ने अतिवृष्टि से प्रभावित मालदेवता क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया

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