दिनभर बंटने वाले लंगर छकते हैं और दान में मिले पैसे को बैंक और पोस्ट आफिस में जमा करते हैं।

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गर्मियों की आहट के साथ ही हरिद्वार के घाटों पर फिर से भिखारियों की भीड़ बढ़ने लगी है और लंगरों के आसपास लाईनें लगने से आवागमन बाधित होने लगा है। दरअसल सीजन में कमाई के लिए यूपी, बिहार आदि क्षेत्रों से अनेक पेशेवर भिखारी हरिद्वार चले जाते हैं। यहां दिनभर बंटने वाले लंगर छकते हैं और दान में मिले पैसे को बैंक और पोस्ट आफिस में जमा करते हैं। नवंबर के बाद ठंड बढ़ने और यात्रियों की संख्या घटने पर ये लोग वापस लौट जाते हैं। हरिद्वार में गंगापार,चंडीघाट, लालजी वाला, भूपतवाला में इनकी बस्तियां हैं। कुछ लोग किराए की झुग्गियों में भी रहते हैं। गतवर्ष बिहार में एक ऐसा काकस पकड़ा गया था जो वहां लोगों को अच्छे खाने का लालच देकर और भीख के पैसों में अपना कमीशन तय कर हरिद्वार लेकर आता था। लेकिन हरिद्वार प्रशासन घाटों पर ऐसे पेशेवर भिखारियों की भीड़ को रोकने प्रति उदासीन बना हुआ है।न ही घाटों पर एनजीटी के आदेशों के खिलाफ चल रहे लंगरों को रोकने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई की जाती है।

Reported By : Ramesh Khanna 

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