जैन समाज ने मनाया सामूहिक क्षमावाणी महापर्व

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देहरादून। जैन मिलन देहरादून, विद्या समय पूर्ण वर्षयोग समिति एवं दिगम्बर जैन समाज देहरादून द्वारा परम पूज्य आर्यिका 105 श्री पूर्णमति माताजी के सानिध्य में विश्व मैत्री दिवस (सामूहिक क्षमावाणी महापर्व) का आयोजन किया गया। क्षमा वाणी कार्यक्रम का प्रारंभ आचार्य श्री के चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। देहरादून में जैन मिलन की सभी शाखाओं द्वारा पूरे भक्ति भाव से आचार्य श्री के पूजन के उपरांत पूज्य माताजी को शास्त्र भेंट किया गया। वीरांगना साक्षी जैन द्वारा मंगलाचरण किया गया व महिला जैन मिलन राजुल की वीरांगनाओ द्वारा भगवान महावीर स्वामी की प्रार्थना की गई।

पूर्णमति माताजी ने अपने संबोधन में जैन समाज द्वारा मनाया जाने वाले क्षमावाणी पर्व का औचित्य तथा इसका महत्व बताया। उन्होंने कहां की क्षमा वाणी केवल वाणी से आत्मसात ना होकर हृदय से आत्मसात होने वाला पर्व है। हृदय से आत्मा साथ होने वाले क्षमा आपकी अंतरात्मा को पवित्र कर देती है। आप कष्ट सहकर भी क्षमा करने का भाव रखें तभी क्षमावाणी की सार्थकता है। क्षमावाणी पर्व कार्ड से नहीं अपितु हार्ट से मनाएं। सच्चे हृदय से क्षमा मांगना और सच्चे हृदय से क्षमा करना दोनों ही वीरों का काम होता है।

उन्होंने कहा कि पर्यूषण पर्व का प्रारंभ उत्तम क्षमा से होता है और अंत में क्षमावाणी पर्व मनाया जाता है, जिसमें गत वर्ष में जाने अनजाने हुए सभी पापों की क्षमा याचना की जाती है। हम लोग जाने अनजाने में न जाने कितने ही जीव जंतुओं प्राणियों को कष्ट पहुंचा देते हैं। क्षमावाणी के अवसर पर उन पापों की निर्जरा हेतु क्षमा मांगी जाती है जिससे मनुष्य अपना मन स्वच्छ एवं निर्मल कर सकता है।

क्षमावाणी कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्या समय पूर्ण वर्षा योग समिति के अध्यक्ष राजीव जैन, जैन मिलन देहरादून के अध्यक्ष राकेश जैन, मंत्री पंकज जैन, डॉक्टर संजीव जैन, राष्ट्रीय मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष नरेश चंद्र जैन, अलका जैन, शेफाली जैन सहित सैकड़ों की संख्या में अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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